शनि का पेयार्ची का अर्थ है शनि का गोचर। यानी गोचर में शनि ग्रह का किसी एक राशि से दूसरी राशि में जाना।
क्यों कि भचक्र में राशियाँ स्थिर है और सभी नवग्रह इन राशियों में गोचर करते रहते हैं और सभी मनुष्यों के जीवन में ग्रहों के इन्हीं गोचर के कारण सुख दुख, उतार चढ़ाव, अच्छा बुरा समय आता है
सबसे अधिक प्रभाव शनि और बृहस्पति ग्रहों के गोचर का होता है। जहां गुरु एक बार भचक्र को 12 वर्ष में पूरा करते है वही शनि इस पर चक्र को पूरा करने में 30 वर्ष का समय लेते है। यानी गुरु एक राशि में जहां 1 वर्ष तक रहते हैं वही शनि एक राशि में 2.5 वर्ष तक रहते हैं।
तो यह तो स्वाभाविक है कि किसी भी मनुष्य के जीवन में अधिक प्रभाव इन दोनों ग्रहों का ही है
इस दृष्टि से वर्ष 2025 में शनि का गोचर भी बहुत महत्वपूर्ण है। शनि जो काल, समय, न्याय, अधिकार, सेवा का प्रतिनिधित्व करते हैं वह 27 दिसंबर सन 2024 को पूर्वभाद्रपद नक्षत्र में गोचर कर गए हैं। जिस नक्षत्र का स्वामी बृहस्पति यानी गुरु है। इसी के साथ 28 अप्रैल 2025 को शनि मीन राशि में प्रवेश करेंगे जिसके स्वामी बृहस्पति यानी गुरु ही है
तो कितना महत्वपूर्ण है यह वर्ष 2025।
इसका अनुमान हम इस तरह लगा सकते हैं कि काल, समय, न्याय के कारक गृह :- शनि और धर्म, अध्यात्म, शिक्षा, उत्थान के कारक :- गुरु का एक साथ जब किसी व्यक्ति के जीवन में प्रभाव होगा तो वह कितना बदलाव लेकर आएगा और क्या यह बदलाव अच्छा होगा या बुरा ? इसका सिर्फ हम अनुमान लगा सकते हैं।
इस बात को और अधिक समझने के लिए हम पहले पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र की बात करते हैं
27 नक्षत्र में से यह नक्षत्र 25वा नक्षत्र है इसमें नक्षत्र के स्वामी ग्रह गुरु है इस नक्षत्र के तीन चरण कुंभ राशि में (जो कि शनि की स्व राशि है) और एक चरण मीन राशि में (जो कि गुरु की राशि है)
तो यहां हमें इस तत्व को समझना है कि शनि इस नक्षत्र में जब तक कुंभ राशि वाले चरण में रहेंगे। तब तक वह अपने कार्यकत्व में प्रबल होंगे और जब भी मीन राशि वाले चरण में रहेंगे तब व्यक्ति के जीवन में गुरु (ब्रहस्पति) के कार्यकत्व का प्रभाव अधिक रहेगा
इसी कारण प्रतीक राशि और प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में उनकी स्वयं की जन्म कुंडली के आधार पर मिला-जुला प्रभाव रहेगा ।
किसी व्यक्ति के जीवन में शनि की ढैया या साडेसाती समाप्त होगी तो किसी के जीवन में इनका आरंभ होगा
To teachers doctor consultants, yoga teachers, health coaches, travel agencies import export इन सब कामों से जुड़े जातकों को सफलता मिलेगी और शनि की बुरी स्थिति या दशा के अनुसार व्यक्ति को बीमारी, झगड़ा, कामों में रुकावट आदि भी भोगना पड़ सकता है।
तो सभी 12 राशियों पर शनि की पेयार्ची का एक मोटे तौर पर अच्छा प्रभाव रहेगा सन 2025 में। लेकिन प्रत्येक व्यक्ति की अपनी जन्म कुंडली के अनुसार शनि की स्थिति के अनुसार ही अच्छे या बुरे फल प्राप्त होंगे।
प्राया: ज्योतिष के विद्वान व्यक्ति अलग-अलग प्रकार के उपाय इस संदर्भ में बताते हैं और सभी एकमत पर सहमत हैं कि चुकि शनि कर्म के देवता है। हमारे कर्मों के अनुसार फल देते हैं।
अतः सन 2025 में शनि के सुंदर गोचर का अधिक से अधिक सफल प्राप्त करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अच्छे कर्म करने का प्रयत्न करना चाहिए ताकि शनि देव शुभ फल और शुभ आशीष हमें प्रदान करें और सन 2025 सभी के लिए शनिदेव और बृहस्पति देव के दोहरे आशीर्वाद से भरपूर हो।
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